जिंदगी एक किराये का घर है

जिंदगी एक किराये का घर है, एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा 
मौत जब तुम को आवाज देगी, घर से बहार निकलना पड़ेगा 


साँझ के बाद फिर है सवेरा, देखना है ये मौका सुनेहरा (२) 
या जमीं बीच क़ुरबत बनेगी, या चिताओं में जलना पड़ेगा
जिंदगी एक किराये का घर है, एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा 
मौत जब तुम को आवाज देगी, घर से बहार निकलना पड़ेगा || 


ये जवानी है पल भर का सपना, देख कर ना गुमान तू इतना (२)
ये जवानी अगर ढल गयी तो, उम्र भर हाथ मलना पड़ेगा 
जिंदगी एक किराये का घर है, एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा 
मौत जब तुम को आवाज देगी, घर से बहार निकलना पड़ेगा || 


मात, पित, पुत्र, नारी और भ्राता सब मतलब का है ये नाता (२)
पाँव फूलों पे रखने से पहले तुमको काँटों पे चलना पड़ेगा
जिंदगी एक किराये का घर है, एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा 
मौत जब तुम को आवाज देगी, घर से बहार निकलना पड़ेगा ||


      

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