सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी, वो गुलसितां हमारा
पर्वत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा, वो पासवां हमारा, सारे…
गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियां
गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनां हमारा
मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम वतन हैं, हिन्दोस्तां हमारा,

यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा सब मिट गए जहाँ से
अब तक मगर है बाक़ी नाम-ओ-निशाँ हमारा

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा

इक़्बकबल कोई महरम अपना नहीं जहाँ में
मालूम क्या किसी को दर्द-ए-निहाँ हमारा

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा

दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए

मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू, तेरा सब कुछ मै, मेरा सब कुछ तू

हम्म आ आ...

हर करम अपना करेंगे, ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है, जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए

तू मेरा कर्मा, तू मेरा धर्मा, तू मेरा अभिमान है ।
ऐ वतन महबूब मेरे तुझपे दिल कुर्बान है
हम जियेंगे और मरेंगे, ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है जां भी देंगे...

हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, हम वतन हम नाम हैं
जो करे इनको जुदा मज़हब नही इल्जाम है
हम जियेंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए
आ आ....

तेरी गलियों में चलाकर नफरतो को गोलियाँ
लूटते है कुछ लुटेरे दुल्हनों की डोलियाँ
लूट रहे हैं आप वो आपने घरों को लूट कर
खेलते है बेखबर अपने लहू से होलियां
हम जियेंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम।

कौन कहता हे भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम।

कौन कहता है भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

कौन कहता है भगवान सोते नहीं, माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

कौन कहता है भगवान नाचते नहीं, गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

नाम जपते चलो काम करते चलो, हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

याद आएगी उनको कभी ना कभी, कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

चित्र कूट के घाट घाट पर भीलनी जोवे बाट

 ।। दोहा ।।

लक्ष्मण और सीता के संग , वन को जाते राम।
दर्शन प्यासी भीलनी , सुमरे सुबहे और शाम।।

चित्र कूट के घाट घाट पर, भीलनी जोवे बाट
राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना

आसन नहीं है रामा , कहा पे बिठाऊं, कहा रे बिठाऊं
टूटी पड़ी है खाट, खाट पर बिछी पड़ी है टाट
राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना

भोजन नहीं है रामा , क्या मैं जिमाऊं, क्या मैं जिमाऊं
ठंडी पड़ी है घाट घाटमें, ठंडी पड़ी है घाट घाटमें डालू ठंडी छाछ
राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना

मेवा नहीं है रामा क्या मैं चडाऊं, क्या मैं चडाऊं
छोटे पड़े हैं पेड़ पेड़ पर, छोटे पड़े हैं पेड़ पेड़ पर लगे पड़े हैं बेर
राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना

झुला नहीं हैं रामा काहे में झुलाऊं, काहे में झुलाऊं
हरे भरे हैं पेड़ पेड़ पर, हरे भरे हैं पेड़ पेड़ पर झूले सीताराम
राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना

चित्र कूट के घाट घाट पर, भीलनी जोवे बाट
राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना

महाराज गजानंद आवनी, म्हारी सभा में रंग बरसाओ

कंठा विराजो सरस्वती ,मस्तक विराजो महेश।
बावन अक्षर सिद्ध करो , गवरी पुत्र गणेश।

महाराज गजानंद आवनी, म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज विनायक आओ, म्हारी सभा में रंग बरसाओ।।

रणत भवन से आवो नी गजानन, संग में रिद्धि सिद्धि ल्यावो,
महाराज विनायक आओ, म्हारी सभा में रंग बरसाओ।
गणराज विनायक आवो, म्हारी सभा में रंग बरसाओ,

पार्वती के पुत्र कहिजो, शिवजी के मन भावो जी।
महाराज गजानद आवो जी, मारी सभा में रंग बरसावो जी।

चन्दन चौकी आप विराजो, केशर तिलक लगावो जी।
महाराज गजानद आवो जी, मारी सभा में रंग बरसावो जी।

ऊँचे आसान आप विराजो,दुनिया ने दर्श दिखावो जी।
महाराज गजानद आवो जी, मारी सभा में रंग बरसावो जी।

लाडू पेड़ा और जलेबी, मोदक भोग लगावो जी।
महाराज गजानद आवो जी, मारी सभा में रंग बरसावो जी।

पार्वती के तुम हो लाला, सदा रहो शिवजी के पासा जी।
महाराज गजानद आवो जी, मारी सभा में रंग बरसावो जी।

तानसेन गणपत गन गावे, यति जति संग में लावो जी।
महाराज गजानद आवो जी, मारी सभा में रंग बरसावो जी।

सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है

सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है

दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है 


१. चंदा में ढूंढा तुम्हें, सूरज में पाया है 

तारों की झिलमिल में मेरे श्याम का ठिकाना है   

दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है 


२. ग्वालों में ढूंढा तुम्हें, गोपियों में पाया है

राधाजी के हृदय में, मेरे श्याम का ठिकाना है     

दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है 


३. गंगा में ढूंढा तुम्हें, यमुना में पाया है

त्रिवेणी के संगम में मेरे श्याम का ठिकाना है

दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है 


४. मथुरा में ढूंढा तुम्हें, गोकुल में पाया है

वृंदावन की गलियों में मेरे श्याम का ठिकाना है|    

दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है 


५. महलों में ढूंढा तुझे, मन्दिरों में पाया है

भक्तों के हृदय में मेरे श्याम का ठिकाना है 

दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है 


६. रामायण में ढूंढा तुझे भागवत में पाया है,

गीता जी के श्लोकों में मेरे श्याम का ठिकाना है   

दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है 


      

राम से बड़ा राम का नाम

राम से बड़ा राम का नाम, अंत में वो ही आये काम 

राम से बड़ा राम का नाम


वो पापी तो डूब मरेगा जिसके मुख नहीं राम, 

हो बन्दे, जिसके मुख नहीं राम 

वो पत्थर तो तीर जायेगा जिसपे लिखा हो राम 

राम से बड़ा राम का नाम


साधु सुमिरे संन्यासी सुमिरे, सुमिरत है घनश्याम

हो बन्दे, सुमिरत है घनश्याम

राम नाम को रटते रटते हो जाए सुबह -शाम 

राम से बड़ा राम का नाम


सुमिरन से सब दुःख कट जाते, कोढ़ी लगे ना दाग 

हो बन्दे, कोढ़ी लगे ना दाग 

द्रौपदी ने ऐसा सुमिरा तुरत बनाए काम      

 राम से बड़ा राम का नाम

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन तुझपे दिल कुरबान

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन तुझपे दिल कुरबान 

तू  ही मेरी आरज़ू, तू ही  आबरू, तू ही मेरी जान 


तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम 

चूम लूँ मैं उस जुबाँ को जिसपे आए तेरा नाम 

सबसे प्यारी सुबह तेरी सबसे रंगी तेरी शाम 

तुझपे दिल कुरबान, तू ही मेरी आरज़ू 


माँ का दिल बनके कभी सीने से लग जाता है तू

और कभी नन्हीं सी बेटी बनके याद आता है तू

जितना याद आता है मुझको उतना तड़पता है तू 

तुझपे दिल कुरबान, तू ही मेरी आरज़ू 


छोड़कर तेरी जमीं को दूर आ पहुँचें है हम 

फिर भी है ये ही तमन्ना तेरे जर्रों की कसम 

हम जँहा पैदा हुए है, उस जगह ही निकले दम

तुझपे दिल कुरबान, तू ही मेरी आरज़ू          

मेरे देवता मुझको देना सहारा

मेरे देवता मुझको देना सहारा, 

कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा

सद्गुरु तेरे चरणों की, रज धूल जो मिल जाए

सद्गुरु तेरे चरणों की, रज धूल जो मिल जाए 

तो सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए

थाली भरने लाई रे खीचड़ो, ऊपर घी की बाटकी

थाली भरने लाई रे खीचड़ो, ऊपर घी की बाटकी 

जीमो मारा श्याम धणी, जीमावै बेटी जाट की 

साँवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है

साँवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है 

दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है 

मैं हूँ शरण में तेरी, संसार के रचैया

मैं हूँ शरण में तेरी, संसार के रचैया 

कश्ती मेरी लगा दो, उस पार ओ कन्हैया

अरे द्वारपालों, कन्हैया से कह दो

अरे द्वारपालों, कन्हैया से कह दो, के दर पे सुदामा गरीब आ गया है

भटकते भटकते ना जाने कहाँ से तुम्हारे महल के करीब आ गया है

जिस भजन में राम का नाम ना हो

जिस भजन में राम का नाम ना हो, 

उस भजन को गाना ना चाहियें 

देदी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल

देदी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल 

साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल

मात पिता गुरु प्रभु चरणों में प्रणवत बारम्बार

मात पिता गुरु प्रभु चरणों में प्रणवत बारम्बार

हम पर किया बड़ा उपकार, हम पर किया बड़ा उपकार 

नाम है तेरा तारणहारा, कब तेरा दर्शन होगा

नाम है तेरा तारणहारा, कब तेरा दर्शन होगा 

जिनकी प्रतिमा इतनी सुन्दर, वो कितना सुन्दर होगा 

ज्योत से ज्योत जलाते चलो

ज्योत से ज्योत जलाते चलो, प्रेम की गंगा बहते चलो 

राह में आए जो दीन दुःखी, सबको गले से लगाते चलो 

भीगी हुई पलकें

भीगी हुई पलके, आँसू ना छलके 

कैसे दबाये दिल के दर्द को, भीगी हुई पलके

माँके आया आज पावणिया राज

माँके आया आज पावणिया राज, मनडो राजी होग्यो     

मनडो राजी होग्यो, मैं स्वागत रो सुख भोग्यो