साँवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है
दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है
आकाश में ढूंढा तुझे, पाताल में पाया है
धरती के कण कण में, मेरे श्याम का ठिकाना है
दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है
फूलों में ढूंढा तुझे, कलियों में पाया है
भँवरों की गुँजन में, मेरे श्याम का ठिकाना है
दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है
रामायण में ढूंढा तुझे, भागवत में पाया है
गीता के उपदेश में, मेरे श्याम का ठिकाना है
दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है
मंदिर में ढूंढा तुझे, मस्जिद में पाया है
भक्तों के हृदय में, मेरे श्याम का ठिकाना है
दुनिया वाले क्या जाने मेरा रिश्ता पुराना है
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