ज्योत से ज्योत जलाते चलो, प्रेम की गंगा बहते चलो
राह में आए जो दीन दुःखी, सबको गले से लगाते चलो
प्रेम की गंगा बहते चलो
जिसका ना कोई संगी साथी, ईश्वर है रखवाला
जो निर्धन है, जो निर्बल है, वो है प्रभु का प्यारा
प्यार के मोती, प्यार के मोती लुटाते चलो
प्रेम की गंगा बहते चलो
आशा टूटी, ममता रूठी, छूट गया है किनारा
बंद करो मत द्वार दया का, दे दो कुछ तो सहारा
दीप दया का, दीप दया का जलाते चलो
प्रेम की गंगा बहते चलो
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