बोझ मेल कर मनड़े ऊपर या थाने मैं केंवाँ
आच्छा रिजयों बिदाई थाने मैं देंवाँ,
ओ मिलता रीज्यों बिदाई थाने मैं देंवाँ
ओ आता रीज्यों बिदाई थाने मैं देंवाँ
जिन्दगाणी रा पल दो पल जो बीत्या थांके लारे
डोलो हिरदां में पड़े, सुरतियाँ पीड़ा झांके
कोई बावली ओल्यूं थांकी मनड़ा माई लेंवाँ
आच्छा रिजयों बिदाई थाने मैं देंवाँ
मिलबा ओर बिछड़वा की तो ई जग की है रीत
अतरो सो केणो है माको कदाई न बिसरे प्रीत
सुख देखो भरपूर मैं थांके मनड़े माई रेंवाँ
आच्छा रिजयों बिदाई थाने मैं देंवाँ
भूल हुई जो माफ़ कराज्यो कई मत मनड़े लाज्यो
गलती मिनखां सूं हो ज्यावें, हिरदा सूं बिसराज्यों
हँसता हँसता लेवो बिदाई मैं भी राज़ी रेवाँ
आच्छा रिजयों बिदाई थाने मैं देंवाँ
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